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विस्तृत नियमावली

सदस्यता एवं सहयोग हेतु अनिवार्य नियम

पारदर्शिता • अनुशासन • आपसी विश्वास • मानवीय सहयोग

“ एक सदस्य की सुरक्षा,
सभी की जिम्मेदारी। ”
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सदस्यता की पात्रता

योजना में शामिल होने के लिए आवश्यक पात्रता, नियम और शुल्क

कौन सदस्य बन सकता है?

  1. योजना की सदस्यता अखिल भारतीय असाटी समाज के लिए मान्य है।
  2. प्रारंभ में योजना सभी शिक्षकों के लिए लागू की गई है; आगे चलकर इसका विस्तार समाज के अन्य पात्र सदस्यों तक किया जा सकता है।
  3. जो सदस्य योजना के नियमों के अनुसार नियमित सहयोग करते हैं, वे इस योजना के लिए पात्र बने रहेंगे।

महत्वपूर्ण

सदस्यता केवल उन्हीं सदस्यों के लिए मान्य होगी, जो समिति द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए नियमित सहयोग करते हैं।

₹   सदस्यता एवं शुल्क

पंजीकरण शुल्क

₹100

सदस्यता शुल्क (365 दिन)

₹1,000

अनिवार्य नियम

सदस्यता एवं शुल्क से संबंधित सभी नियमों का पालन करना प्रत्येक सदस्य के लिए अनिवार्य होगा।

हम सब साथ हैं

आपकी सदस्यता, एक सुरक्षित और सशक्त समाज की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

अब सदस्य बनें

योजना का उद्देश्य

  1. योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है।
  2. समाज परिवार के बीच आपसी विश्वास, एकजुटता और मानवीय सहयोग की मजबूत श्रृंखला स्थापित करना।
  3. किसी सदस्य की आकस्मिक/दुःखद मृत्यु की स्थिति में उसके नामिनी को निर्धारित सहयोग राशि उपलब्ध कराना।
  4. मूल भावना: “एक सदस्य की सुरक्षा, सभी की जिम्मेदारी।”

योजना का प्रारंभ एवं सहयोग राशि

  1. योजना का प्रारंभ ₹2,00,000 की सहयोग राशि से किया गया है।
  2. सदस्यों की संख्या में वृद्धि के साथ सहयोग राशि में समय-समय पर वृद्धि की जाएगी।
  3. सभी सक्रिय सदस्यों के लिए निर्धारित सहयोग राशि जमा करना अनिवार्य है।

सहयोग प्रक्रिया – अनिवार्य नियम

  1. किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उसके नामिनी के बैंक खाते में निर्धारित सहयोग राशि जमा करना सभी सक्रिय सदस्यों के लिए अनिवार्य है।
  2. यह सहयोग लाभ या मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के तहत है।
  3. सहयोग राशि समय पर और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करना आवश्यक है।

सहयोग (Contribution) से संबंधित दिशा-निर्देश

  1. यदि रसीद / UTR / स्क्रीनशॉट उपलब्ध नहीं हो पाए, तो सहयोग सदस्य के स्वयं के बैंकिंग ऐप (UPI/नेट बैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग) से किया गया होना चाहिए।
  2. यदि सदस्य स्वयं बैंकिंग ऐप का उपयोग नहीं करता, तो पति/पत्नी/पुत्र/पुत्री के बैंकिंग ऐप से किया गया सहयोग मान्य होगा।
  3. किसी तीसरे व्यक्ति, मित्र या साथी के बैंकिंग ऐप से किया गया सहयोग अमान्य होगा।
  4. भ्रामक, फर्जी या अनुचित प्रविष्टि पाए जाने पर सहयोग निरस्त किया जा सकता है।

लॉकिंग पीरियड (Locking Period)

  1. December 2026 तक पंजीकृत सदस्यों के लिए लॉकिंग पीरियड – 3 माह।
  2. January 2027 से पंजीकृत सदस्यों के लिए लॉकिंग पीरियड – 6 माह।
  3. सदस्यता तिथि से लॉकिंग पीरियड पूर्ण होने के बाद ही नामिनी हेतु सहयोग अपील की जाएगी।
  4. लॉकिंग पीरियड पूर्ण न होने पर किसी भी प्रकार की सहयोग अपील नहीं की जाएगी।
  5. यह नियम योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए अनिवार्य है।

मिस्ड कॉन्ट्रिब्यूशन एवं 90% सहभागिता नियम

  1. लगातार तीन सहयोग पूर्ण करने के बाद किसी कारणवश अगला सहयोग न हो पाए और उसी अंतराल में मृत्यु हो जाए, तो नामिनी हेतु सहयोग अपील की जाएगी।
  2. लगातार दो सहयोग न करने पर सदस्यता अमान्य मानी जाएगी।
  3. पंजीकरण के बाद होने वाले कुल सहयोगों में न्यूनतम 90% सहयोग करना अनिवार्य है।
  4. 90% से कम सहयोग होने पर नामिनी लाभ हेतु अपात्र माना जाएगा; इस विषय में अपील स्वीकार नहीं होगी।
  5. उदाहरण: 10 सहयोग में कम से कम 9 सहयोग अनिवार्य।

पुनः सदस्यता के नियम

  1. लगातार दो या अधिक सहयोग न करने के कारण अपात्र होने पर पुनः योजना में शामिल होने के लिए लगातार 3 सहयोग पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
  2. तीन सहयोग पूर्ण होने के बाद ही सदस्यता पुनः मान्य होगी।
  3. पुनः सदस्यता के बाद लॉकिंग पीरियड पूर्ण होने से पहले मृत्यु की स्थिति में नामिनी हेतु सहयोग अपील नहीं की जाएगी।

सहयोग तिथि संबंधी अनिवार्य निर्देश

  1. संस्था द्वारा निर्धारित तिथि के बाद किया गया सहयोग मान्य नहीं होगा, भले ही राशि सीधे नामिनी के खाते में जमा की गई हो।
  2. सभी सदस्यों को घोषित समय-सीमा के भीतर सहयोग राशि जमा करना अनिवार्य है।

माता-पिता सहयोग संबंधी संवेदनशील प्रावधान

  1. दिवंगत सदस्य के परिवार/नामिनी को सहयोग देते समय यह देखा जाएगा कि सदस्य के माता-पिता जीवित हैं या नहीं।
  2. यदि माता-पिता जीवित हों, आर्थिक स्थिति कमजोर हो और आय का कोई स्थायी स्रोत न हो, तो संस्थापक मंडल परिस्थितियों के अनुसार माता-पिता के लिए भी सहयोग अपील जारी कर सकता है।
  3. यह प्रावधान अलग निवास या नामिनी न बनाए जाने जैसी परिस्थितियों में भी लागू हो सकता है।
  4. उद्देश्य: संवेदनशीलता, पारिवारिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना।

अपात्रता एवं अनुशासन संबंधी नियम

  1. फर्जी स्क्रीनशॉट या भ्रामक जानकारी देना।
  2. दिवंगत सदस्य के नामिनी को सहयोग न करना।
  3. किसी अन्य समान संगठन/टीम का प्रचार करना या पदाधिकारी बनना।
  4. पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार, डराना-धमकाना या अनुचित आचरण।
  5. लॉकिंग पीरियड पूर्ण न होने पर सहयोग अपील स्वीकार नहीं होगी।
  6. ऐसे सदस्य पूर्व सहयोग के आधार पर किसी लाभ का दावा नहीं कर सकेंगे।

आत्महत्या, अपराध एवं विवादित प्रकरण

  1. सामान्यतः आत्महत्या अथवा किसी भी विवादित परिस्थिति में सहयोग अपील नहीं की जाएगी।
  2. हत्या एवं बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में मुख्य आरोपी को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  3. संबंधित मानवीय नियम ऐसे मामलों को संबंधित जिले के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
  4. परिस्थितियों के आधार पर जिले द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

जिलों की भूमिका

  1. विवादित परिस्थितियों, नामिनी विवाद या विशेष मामलों में उसी जिले के सदस्यों से सहयोग लिया जाएगा, जहाँ का सदस्य दिवंगत हुआ है।
  2. जिले के सदस्य परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति, अन्य प्रशासनिक दावों, मार्गदर्शन एवं नैतिक सहयोग में सहायता करेंगे।

शिक्षक नेतृत्व का महत्व

  1. शिक्षक राष्ट्र निर्माता एवं समाज के मार्गदर्शक माने गए हैं।
  2. सेवा, पारदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व के कारण योजना शिक्षक नेतृत्व में संचालित की जा रही है।
  3. उद्देश्य संगठन में विश्वास और अनुशासन बनाए रखना है।
  4. योजना की शुरुआत शिक्षकों द्वारा संचालित की जा रही है।

आधिकारिक सूचना माध्यम

  1. सभी आधिकारिक सूचनाएँ केवल संस्था की आधिकारिक वेबसाइट, WhatsApp चैनल, YouTube चैनल और Telegram के माध्यम से जारी की जाएंगी।
  2. सभी सदस्यों से इन आधिकारिक माध्यमों को Follow/Subscribe करने की अपेक्षा है।

अंतिम निर्देश

  1. किसी सदस्य के दिवंगत होने की स्थिति में उसके नामिनी का सहयोग नियमों के अनुसार अनिवार्य रूप से किया जाए।
  2. यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, सामाजिक एकजुटता, अनुशासन और पारस्परिक विश्वास का प्रतीक है।
  3. सभी सदस्य नियमों का पालन करते हुए समय पर सहयोग करें।